800 करोड़ का निवेश, 500 लोगों को रोजगार; कमला क्लब के पास बनेगा लग्जरी होटल, टाटा समूह करेगा संचालन
कानपुर। शहर के पर्यटन और कारोबारी क्षेत्र के लिए बड़ी खुशखबरी है। कानपुर में अब देश के प्रतिष्ठित ‘ताज’ ब्रांड का पांच सितारा होटल बनने का रास्ता साफ हो गया है। जेके अर्बनस्केप्स की ओर से कमला क्लब के निकट प्रस्तावित होटल का नक्शा कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने स्वीकृत कर दिया है। होटल का संचालन टाटा समूह की इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (IHCL) की ओर से किया जाएगा, जबकि निर्माण जेके अर्बनस्केप्स कराएगा।
जेके समूह के वाइस प्रेसिडेंट संजय दुबे के मुताबिक, मुख्यमंत्री की इन्वेस्टर समिट में जे.के. अर्बनस्केप्स की ओर से करीब 1,800 करोड़ रुपये के निवेश का एमओयू किया गया था। इसी निवेश प्रस्ताव के तहत पहले चरण में पांच सितारा ताज होटल का बहुप्रतीक्षित मानचित्र KDA से स्वीकृत हो चुका है।800 करोड़ रुपये का निवेश, 500 लोगों को रोजगार
प्रस्तावित होटल के पहले चरण में लगभग 800 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। होटल के निर्माण और संचालन से करीब 500 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है। निर्माण से जुड़ी आवश्यक प्रक्रियाएं शुरू की जा रही हैं।
कमला क्लब के पास बनने वाला यह होटल कानपुर के लिए एक नए लग्जरी हॉस्पिटैलिटी डेस्टिनेशन के रूप में विकसित होगा। प्रस्तावित होटल में करीब 150 कमरे, दो रेस्तरां, एक बार, वेलनेस सर्किल और स्पा जैसी सुविधाएं होंगी। इसके अलावा 10,000 वर्गफुट से अधिक का बैंक्वेट एरिया भी प्रस्तावित है, जिससे बड़े कॉरपोरेट कार्यक्रमों, शादियों और सामाजिक आयोजनों के लिए शहर को एक नया प्रीमियम वेन्यू मिलेगा।निर्माण JK Urbanscapes का, संचालन Tata Group करेगा
इस परियोजना की खास बात यह है कि होटल का निर्माण जेके अर्बनस्केप्स द्वारा कराया जाएगा, जबकि इसका संचालन टाटा समूह की हॉस्पिटैलिटी कंपनी IHCL करेगी। ताज ब्रांड की मौजूदगी से कानपुर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होटल एवं पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
कानपुर के बढ़ते कारोबारी महत्व का संकेत
कानपुर में ताज जैसे प्रतिष्ठित लग्जरी होटल का आना केवल होटल निर्माण की परियोजना नहीं, बल्कि शहर की बदलती आर्थिक तस्वीर का संकेत भी माना जा रहा है। औद्योगिक शहर के रूप में पहचान रखने वाला कानपुर अब इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, कॉरपोरेट गतिविधियों और पर्यटन के क्षेत्र में भी तेजी से विस्तार कर रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, बड़े ब्रांड के होटल आने से शहर में कॉरपोरेट मीटिंग, बिजनेस ट्रैवल, डेस्टिनेशन वेडिंग, पर्यटन और बड़े आयोजनों को बढ़ावा मिल सकता है। इससे होटल के साथ-साथ रेस्टोरेंट, ट्रांसपोर्ट, इवेंट मैनेजमेंट और स्थानीय सेवा क्षेत्र को भी फायदा मिलने की संभावना है।
कानपुर के ‘ताज’ की कहानी से पहले जानिए मुंबई के ताज की कहानी
मुंबई के कोलाबा स्थित ताज महल पैलेस की स्थापना जमशेदजी टाटा ने की थी। होटल वर्ष 1903 में शुरू हुआ था। इसके निर्माण के पीछे एक चर्चित कहानी यह है कि उस दौर में भारतीयों के साथ नस्लीय भेदभाव के चलते जमशेदजी टाटा को एक यूरोपीय होटल में प्रवेश नहीं दिया गया था। इसके बाद उन्होंने ऐसा विश्वस्तरीय होटल बनाने का संकल्प लिया जहां किसी के साथ नस्ल, रंग या राष्ट्रीयता के आधार पर भेदभाव न हो।
यूरोप से लाए गए सामान से तैयार हुआ था इंटीरियर
ताज महल पैलेस को लेकर यह भी कहा जाता है कि जमशेदजी टाटा ने होटल को विश्वस्तरीय रूप देने के लिए यूरोप की यात्रा की और लंदन, पेरिस तथा बर्लिन सहित विभिन्न स्थानों से फर्नीचर और सजावटी सामान जुटाए।
होटल के निर्माण पर उस समय करीब 26 लाख रुपये खर्च होने की बात कही जाती है। 16 दिसंबर 1903 को खुले इस होटल में अपने समय के हिसाब से कई आधुनिक सुविधाएं थीं। इसमें बिजली, अमेरिकी पंखे, जर्मन लिफ्ट और टर्किश बाथ जैसी सुविधाएं शामिल थीं।
मुंबई का यह ऐतिहासिक होटल आज भी ताज ब्रांड की पहचान बना हुआ है। इसी विरासत का नया अध्याय अब कानपुर में लिखे जाने जा रहा है।
‘ताज’ के आने से बदलेगी कानपुर की पहचान?
कानपुर में 5 स्टार ताज होटल का निर्माण पूरा होने के बाद शहर में देश-विदेश से आने वाले कारोबारियों, पर्यटकों और बड़े आयोजनों के लिए एक नया प्रीमियम विकल्प उपलब्ध होगा।
800 करोड़ रुपये का प्रस्तावित निवेश, 500 रोजगार, 150 कमरे और 10,000 वर्गफुट से अधिक का बैंक्वेट क्षेत्र—कानपुर का नया ‘ताज’ निश्चित रूप से शहर की बदलती तस्वीर और बढ़ते व्यावसायिक महत्व का प्रतीक बन सकता है।
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