कानपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को कानपुर पहुंचे, जहां उन्होंने चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) में आयोजित राज्य स्तरीय प्राकृतिक खेती कार्यशाला में हिस्सा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन किया और प्रदेशभर से आए 500 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से सीएसए ग्राउंड पहुंचे, जहां सांसद रमेश अवस्थी, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, महापौर प्रमिला पांडे समेत जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में लगी कृषि प्रदर्शनी का निरीक्षण किया।
प्रदर्शनी में मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक और जैविक खेती से तैयार उत्पादों, आधुनिक कृषि तकनीकों, जैविक खाद, मृदा परीक्षण मॉडल तथा आलू की उन्नत किस्मों का अवलोकन किया। उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों और कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ) द्वारा तैयार उत्पादों की भी सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती को समय की आवश्यकता बताते हुए किसानों से रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शून्य बजट प्राकृतिक खेती न केवल भूमि की उर्वरा शक्ति को सुरक्षित रखेगी, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और लोगों को शुद्ध एवं पौष्टिक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस राज्य स्तरीय कार्यशाला में प्रदेशभर से आए 500 से अधिक प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को प्राकृतिक खेती की आधुनिक तकनीकों और उसके लाभों की जानकारी दी।
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हरकोर्ट बटलर तकनीकी विश्वविद्यालय (एचबीटीयू) पहुंचे, जहां उन्होंने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और उद्योग विभाग की प्रमुख विकास परियोजनाओं की समीक्षा की।
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