Kanpur : "साइबर ठगी के करोड़ों रुपए प्रॉपर्टी में खपाने का खुलासा, पूर्व छात्र नेता पर भी जांच की आंच"
कानपुर। काकादेव पुलिस की जांच में 50 हजार रुपये के इनामी साइबर ठग राजवीर सिंह से जुड़े नेटवर्क को लेकर बड़े खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस ने मंगलवार को उसके खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे एक छात्र के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी फर्म और बैंक खाते खुलवाए गए, जिनमें करीब 7.50 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया।
जांच के दौरान पुलिस को यह भी सुराग मिले हैं कि साइबर ठगी से अर्जित धनराशि का एक हिस्सा प्रॉपर्टी कारोबार में लगाया गया। इसी कड़ी में बर्रा क्षेत्र के एक पूर्व छात्र नेता, जो वर्तमान में प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़ा है, की भूमिका भी जांच के दायरे में आई है। पुलिस उसके और राजवीर सिंह के बीच आर्थिक लेनदेन एवं निवेश के संबंधों की पड़ताल कर रही है।
पीड़ित छात्र अभिषेक यादव ने पुलिस को बताया कि नौकरी दिलाने के नाम पर राजवीर सिंह ने उससे आधार कार्ड, पैन कार्ड, रिज्यूमे और अन्य दस्तावेज ले लिए थे। बाद में इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उसके नाम से 'अभि ट्रेडर्स' नामक फर्म का पंजीकरण कराया गया और अलग-अलग बैंकों में खाते खोलकर करोड़ों रुपये का ट्रांजैक्शन किया गया। पूरे मामले की जानकारी तब हुई जब साइबर सेल की जांच उसके घर तक पहुंची।
पुलिस के अनुसार राजवीर सिंह पहले से कई साइबर ठगी के मामलों में वांछित है और उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया जा चुका है। अब नए मुकदमे के बाद उसके आर्थिक नेटवर्क, सहयोगियों और निवेश की भी गहन जांच की जा रही है।
डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर नया मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं, जबकि जांच के दौरान सामने आए अन्य व्यक्तियों से भी पूछताछ की जाएगी।
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