कानपुर : सावन में बाबा जागेश्वर का दिव्य श्रृंगार देख अभिभूत हुए श्रद्धालु, रुद्राभिषेक के बाद गूंजा हर-हर महादेव का जयघोष।
कानपुर। सावन के पावन महीने में नवाबगंज स्थित करीब 300 वर्ष पुराने बाबा जागेश्वर मंदिर में भगवान शिव का भव्य श्रृंगार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा। बाबा जागेश्वर के शिवलिंग को नीले अपराजिता, गुलाबी कमल, सफेद मोगरा-चमेली और गेंदे के फूलों से सजाया गया। रुद्राक्ष और मोतियों की मालाओं से सजे बाबा के अलौकिक स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। रुद्राभिषेक, विशेष पूजन और महाआरती के बाद मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर भगवान शिव का पूजन किया और परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की। मंदिर में सुबह से ही भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया था और दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।
रुद्राभिषेक के बाद हुई महाआरती
विशेष श्रृंगार के बाद बाबा जागेश्वर का रुद्राभिषेक किया गया। पूजन के बाद मंदिर के मुख्य पुजारी ने बाबा को देशी घी से बने लड्डुओं का विशेष भोग अर्पित किया। इसके बाद ढोल-नगाड़ों और शंखध्वनि के बीच बाबा की महाआरती हुई। आरती शुरू होते ही श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे लगाने शुरू कर दिए। पूरा मंदिर परिसर शिवभक्ति में डूबा नजर आया।
महाआरती के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहा। महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग और युवा बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचे। कई श्रद्धालुओं ने परिवार के साथ बाबा का पूजन किया और मंदिर में काफी समय तक भक्ति में लीन रहे।
भंडारे में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
धार्मिक आयोजन के साथ मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में पूड़ी, सब्जी और हलवा सहित विभिन्न प्रकार के प्रसाद की व्यवस्था की गई थी। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया।
आयोजन के दौरान स्वयंसेवकों ने प्रसाद वितरण, पेयजल और श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था संभाली। व्यवस्थाओं के चलते भंडारे में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा गया। पूरे दिन मंदिर परिसर में धार्मिक उल्लास का वातावरण रहा।
करीब तीन सौ साल पुराना है बाबा जागेश्वर मंदिर
नवाबगंज थाना क्षेत्र में स्थित बाबा जागेश्वर मंदिर का इतिहास भी श्रद्धालुओं के बीच आस्था का विषय है। जागेश्वर महादेव मंदिर समिति के संयोजक जितेंद्र पांडेय के अनुसार, मंदिर करीब 300 वर्ष पुराना बताया जाता है। उनके अनुसार, जिस स्थान पर आज मंदिर स्थित है, वहां सैकड़ों वर्ष पहले चारों ओर गंगा नदी का प्रवाह हुआ करता था। यह स्थान टीलेनुमा था और आसपास निषाद परिवारों के लोग रहते थे।
मंदिर की स्थापना को लेकर प्रचलित मान्यता के अनुसार, उस समय जागे नाम के एक निषाद की गाय रोजाना टीले के एक स्थान पर जाकर दूध देती थी। काफी समय तक यह क्रम चलता रहा। जब इस बात पर ध्यान गया तो उस स्थान की खोदाई कराई गई। खोदाई के दौरान वहां शिवलिंग मिला। इसके बाद उसी स्थान पर बाबा जागेश्वर की स्थापना की गई और धीरे-धीरे यह स्थान शिवभक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया।
तीन बार रंग बदलने की भी मान्यता
बाबा जागेश्वर मंदिर के शिवलिंग को लेकर एक और अनूठी मान्यता प्रचलित है। मंदिर समिति के संयोजक जितेंद्र पांडेय के अनुसार, श्रद्धालुओं के बीच मान्यता है कि शिवलिंग दिन में तीन बार अपना रंग बदलता है। उनके अनुसार, सुबह मंगला आरती के समय शिवलिंग का रंग स्लेटी दिखाई देता है। भोग के समय इसका रंग भूरा और रात करीब 11:30 बजे से मध्यरात्रि के बीच गहरे काले रंग का दिखाई देने की मान्यता है। मंदिर आने वाले कई श्रद्धालु भी इस बदलाव को देखने का दावा करते हैं। यही कारण है कि सावन के अलावा वर्षभर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा जागेश्वर के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
धार्मिक आयोजन से भाईचारे और सेवा का संदेश
रुद्राभिषेक और विशाल भंडारे का आयोजन जेके समूह के वाइस प्रेसिडेंट समाजसेवी संजय दुबे की ओर से कराया गया। उन्होंने कहा कि सावन भगवान शिव की आराधना और भक्ति का पावन महीना है। ऐसे अवसर पर श्रद्धालुओं की सेवा और प्रसाद वितरण करना सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजन केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं होते, बल्कि इनके माध्यम से समाज में आपसी भाईचारा, सहयोग और सेवा की भावना भी मजबूत होती है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक मूल्यों से जुड़ने का अवसर मिलता है।
दिनभर गूंजता रहा हर-हर महादेव
सावन के चलते बाबा जागेश्वर मंदिर में दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। मंदिर परिसर में हर-हर महादेव, बम-बम भोले और जय बाबा जागेश्वर के जयकारे गूंजते रहे। फूलों से सजा गर्भगृह और बाबा का दिव्य स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बना रहा। भक्तों ने दर्शन-पूजन के बाद प्रसाद ग्रहण किया और भगवान शिव से परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना की।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में सांसद रमेश अवस्थी, विधायक महेश त्रिवेदी, विधायक सुरेंद्र मैथानी, विधायक नीलिमा कटियार, पूर्व विधायक नीरज चतुर्वेदी, पूर्व विधायक सतीश निगम, जर्नलिस्ट क्लब के महामंत्री एवं वरिष्ठ पत्रकार अभय त्रिपाठी, कुमार त्रिपाठी और सर्वेश शुक्ला ‘बम-बम’ ऋषभ दुबे, सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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