Kanpur : वकीलों के हक की हुंकार! कानपुर में होगा यूपी के अधिवक्ताओं का बड़ा सम्मेलन...

कानपुर। अधिवक्ताओं की सुरक्षा, स्वतंत्रता और पेशागत अधिकारों को लेकर कानपुर बार एसोसिएशन और दि लायर्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में प्रदेशव्यापी पहल की तैयारी की जा रही है। दोनों संगठनों की संयुक्त आमसभा में लिए गए निर्णय के अनुसार आगामी 10 और 11 सितंबर 2026 को कानपुर बार एसोसिएशन परिसर में प्रांतीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।

कानपुर बार एसोसिएशन और कानपुर लॉयर्स एसोसिएशन की सँयुक्त प्रेसवार्ता में कहा गया है कि अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए लंबे समय से प्रभावी कानून बनाए जाने की मांग की जा रही है। संगठन का आरोप है कि आए दिन अधिवक्ताओं के साथ कथित तौर पर मारपीट और अन्य घटनाएं सामने आती हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा के लिए अब तक प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं।

प्रेसवार्ता में बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा अधिवक्ताओं के हितों से जुड़े कुछ संशोधनों पर भी आपत्ति जताई गई है। बार और लॉयर्स का कहना है कि इन प्रावधानों पर पुनर्विचार आवश्यक है और उनकी आपत्तियां एवं सुझाव बार एसोसिएशन तथा दि लायर्स एसोसिएशन की ओर से संयुक्त रूप से भेजे जा चुके हैं।

हड़ताल के संबंध में निर्देश पर भी जताई आपत्ति

बार एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के संदर्भ में जारी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। विज्ञप्ति के अनुसार, यदि कोई बार संघ किसी मामले में अधिवक्ता हितों एवं सुरक्षा के दृष्टिकोण से न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लेता है, तो उसे हड़ताल के रूप में लिया जा सकता है और बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश की निर्वाचित कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

कानपुर बार एसोसिएशन के महामंत्री विनय मिश्रा का कहना है कि ऐसा निर्णय अधिवक्ताओं की आवाज को प्रभावित करने वाला है। संगठन ने कहा कि अधिवक्ता समाज का सजग प्रहरी है और जनमानस की आवाज को सक्षम अधिकारियों तक पहुंचाने तथा पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

सात वर्ष तक की सजा वाले मामलों को दूसरे जनपद में ट्रांसफर करने के निर्णय पर भी चिंता

लायर्स एसोसिएशन के महामंत्री राजीव यादव ने बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल याचिका संख्या 12231/2025 में दिए गए उस निर्णय का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें सात वर्ष की सजा वाले मामलों में दर्ज अधिवक्ताओं के मुकदमों को अन्य जनपदों में स्थानांतरित किए जाने की बात कही गई है। संगठनों का कहना है कि इस प्रकार के निर्णय का व्यापक प्रभाव अधिवक्ता समुदाय पर पड़ सकता है।

संगठनो ने आशंका जताई है कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा किसी अधिवक्ता के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया जाता है तो पुलिस कार्रवाई के दौरान अधिवक्ता विरोधी माहौल बनने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी को लेकर अधिवक्ताओं की सुरक्षा और स्वतंत्रता के व्यापक मुद्दे पर प्रदेशभर के अधिवक्ताओं के विचार एवं सुझाव एकत्र करने के लिए कानपुर में प्रांतीय सम्मेलन बुलाने का निर्णय लिया गया है। सम्मेलन में अधिवक्ताओं के विचार, सुझाव और प्रस्ताव एकत्र कर उन्हें न्यायपालिका एवं सरकार के समक्ष भेजने तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन का प्रयास किया जाएगा।

प्रेसवार्ता में कानपुर बार एसोसिएशन अध्यक्ष योगेंद्र अवस्थी महामंत्री विनय मिश्रा लायर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश कुमार और महामंत्री राजीव यादव, पूर्व अध्यक्ष नरेश चन्द्र त्रिपाठी , पूर्व अध्यक्ष अविनाश बाजपेयी समेत दोनों सगठनों के सभी पदाधिकारी मौजूद थे। 

Comments