कानपुर में सांसदों के सामने छलका उद्यमियों का दर्द: सड़कों के गड्ढों पर भड़के राज्यसभा सदस्य राहुल सिन्हा, बोले- 'लखनऊ से कम समय लगा, जाजमऊ से होटल तक हिचकोले खाए'


कानपुर (tv99news): औद्योगिक नगरी कानपुर में उद्योग और कारोबार को रफ्तार देने के मकसद से पहुंची संसद की वाणिज्य संबंधी स्थायी समिति की बैठक में शहर की बुनियादी व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। होटल लैंडमार्क में आयोजित अहम बैठक में शामिल होने पहुंचे पश्चिम बंगाल से राज्यसभा सदस्य राहुल सिन्हा ने शहर की खस्ताहाल सड़कों पर तीखी नाराजगी जताई। उन्होंने दोटूक कहा, "लखनऊ से कानपुर पहुंचने में उतना वक्त नहीं लगा, जितना जाजमऊ से होटल लैंडमार्क आने में लग गया।" हिचकोले खाते हुए पहुंचे सांसद की इस खरी-खरी टिप्पणी के बाद बैठक में मौजूद अधिकारियों और प्रतिनिधियों के बीच सन्नाटा पसर गया।

पांच घंटे चली मैराथन बैठक में उठे कई अहम मुद्दे होटल लैंडमार्क में सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक चली लगभग पांच घंटे की इस मैराथन बैठक की अध्यक्षता तृणमूल कांग्रेस सांसद डोला सेन ने की। बैठक में सांसद रमेश अवस्थी, राज्यसभा सदस्य राहुल सिन्हा, पूर्व क्रिकेटर व सांसद यूसुफ पठान, सांसद अतुल गर्ग, आनंद सिंह भदौरिया, अमरपाल शर्मा और संतोष पांडेय समेत कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

सड़कों की बदहाली और जाम पर घिरी व्यवस्था शहर में ट्रैफिक और जर्जर सड़कों के मुद्दे पर सांसद रमेश अवस्थी ने कड़ा रुख अपनाया:

  • जिन सड़कों का रखरखाव नगर निगम नहीं संभाल पा रहा है, उन्हें अविलंब लोक निर्माण विभाग (PWD) को स्थानांतरित करने की मांग की गई।
  • शहर में जाम से निजात के लिए सड़कों के चौड़ीकरण और ग्रीन बेल्ट के नाम पर चिन्हित खाली जमीनों की समीक्षा कर उन्हें उपयोग में लाने का सुझाव दिया गया।
  • चिड़ियाघर के आधुनिकीकरण और मेट्रो स्टेशनों के आसपास की रिक्त जमीनों के व्यावसायिक व जनहित उपयोग पर चर्चा हुई।

SEZ, टेक्सटाइल्स पार्क और उद्यमियों की प्रमुख मांगें बैठक के दौरान स्थानीय उद्यमियों और प्रतिनिधियों ने समिति के सामने अपनी समस्याएं रखीं:

  • सांसद रमेश अवस्थी ने कानपुर में स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) और मेगा टेक्सटाइल्स पार्क स्थापित करने का ठोस प्रस्ताव रखा।
  • एमएसएमई (MSME) सेक्टर: प्रतिनिधियों ने पूंजी संकट, आसान ऋण की कमी, सरकारी खरीद में प्राथमिकता और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच न मिल पाने की चुनौतियां रखीं।
  • चमड़ा उद्योग (Leather Industry): उद्यमियों ने कच्चे माल की अनुपलब्धता, कड़े पर्यावरणीय मानक, उत्पादन लागत में बढ़ोतरी और गिरते निर्यात पर गहरी चिंता व्यक्त की।

बैठक में इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विजय किरन आनंद, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी समेत प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। संसदीय समिति ने उद्यमियों को आश्वस्त किया कि उनकी सभी समस्याओं और सुझावों को केंद्र सरकार के पटल पर मजबूती से उठाया जाएगा।

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