कानपुर। शहर के कलाकारों की मेहनत और स्थानीय सिनेमा की बढ़ती पहचान के बीच फीचर फिल्म “सुजाता” इन दिनों जबरदस्त चर्चा में है। खास बात यह है कि फिल्म एक साथ तीन सिनेमाघरों में रिलीज होकर कानपुर के लोकल फिल्म इंडस्ट्री के उभरते कद को दिखा रही है।
फिल्म के निर्माता व लेखक संतोष गुप्ता के मुताबिक, “सुजाता” को चरणबद्ध तरीके से शहर के प्रमुख टॉकीज में प्रदर्शित किया जा रहा है—पहले नोवेल्टी टॉकीज, फिर श्याम पैलेस और उसके बाद लाल पैलेस टॉकीज में। उनका कहना है कि फिल्म सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सामाजिक सरोकार और समसामयिक मुद्दों के साथ सरकारी योजनाओं की झलक भी देखने को मिलेगी।
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसका स्थानीय कनेक्शन है। ‘सुजाता’ के मुख्य किरदार में अभिनेत्री देविका सिंह ने प्रभावशाली अभिनय किया है, जबकि कानपुर के अभिनेता अजय त्रिपाठी ने नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभाकर फिल्म में दमदार राजनीतिक रंग भरा है।
अजय त्रिपाठी का सफर भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं। उन्होंने मुंबई में मुस्ताक खान, जॉनी लीवर और मलय चक्रवर्ती जैसे कलाकारों के साथ काम किया, लेकिन निजी कारणों से वहीं टिक नहीं सके। इसके बावजूद कानपुर में रहकर उन्होंने क्षेत्रीय फिल्मों में लगातार काम करते हुए अपनी अलग पहचान बनाई।
उनकी पिछली फिल्मों—“साईं वर्सेज आई” (2017), “कानपुर के शोले” (2019) और “रायबरेली सिटी ऑफ क्राइम” (2022)—ने उन्हें पहचान दिलाई। वहीं 2023 में उनकी वेब सीरीज “हमने काम बनाते हैं” का उद्घाटन उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक द्वारा किया गया था।
निर्देशक रवि शर्मा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में शान अरविंद यादव, नितिन चोपड़ा, विपिन पांडे और शिव मोहन द्विवेदी भी अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं।
फिल्म “सुजाता” के जरिए एक बार फिर यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि अब कानपुर भी सिनेमा के नक्शे पर तेजी से उभर रहा है। अजय त्रिपाठी ने शहरवासियों से अपील की है कि वे ज्यादा से ज्यादा संख्या में सिनेमाघरों तक पहुंचकर स्थानीय कलाकारों का हौसला बढ़ाएं।
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