उत्तर प्रदेश की राजनीति में Manoj Pandey का कद लगातार बढ़ता जा रहा है। योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी को प्रदेश में एक और प्रभावशाली ब्राह्मण चेहरा मिल गया है। ब्राह्मण समाज में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है और संगठन व प्रशासनिक क्षमता के कारण वे लंबे समय से प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं।
कानपुर से पुराना और मजबूत संबंध
मनोज पाण्डेय का कानपुर नगर से भी वर्षों पुराना संबंध रहा है। वर्ष 2007 से कानपुर में Vaibhav Mishra एडवोकेट उनके प्रमुख सहयोगी के रूप में उनकी राजनीतिक कमान संभालते आ रहे हैं। मनोज पाण्डेय के मंत्री बनने के बाद कानपुर में वैभव मिश्रा और उनके समर्थकों ने खुशी व्यक्त करते हुए शहर के विभिन्न क्षेत्रों में मिठाई बांटी।
योगी सरकार से लेकर केंद्र नेतृत्व तक मजबूत पकड़
राजनीतिक गलियारों में मनोज पाण्डेय को मुख्यमंत्री Yogi Adityanath से लेकर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व तक बेहद करीबी माना जाता है। अपनी प्रभावशाली कार्यशैली, संगठन क्षमता और जनाधार के चलते उन्होंने भाजपा में तेजी से अपनी पहचान मजबूत की है।
तीसरी बार विधायक, दो बार रह चुके हैं मंत्री
मनोज पाण्डेय रायबरेली जनपद की Unchahar विधानसभा सीट से लगातार तीसरी बार विधायक चुने गए हैं। इससे पहले भी वे उत्तर प्रदेश सरकार में दो बार मंत्री रह चुके हैं। साथ ही वे रायबरेली नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
2007 में पहली चुनावी शुरुआत
मनोज पाण्डेय ने वर्ष 2007 में अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत सुल्तानपुर की Chanda विधानसभा सीट से की थी, जहां उन्हें मात्र कुछ सौ वोटों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा।
स्वामी प्रसाद मौर्य के परिवार को लगातार दी मात
वर्ष 2012 में उन्होंने पहली बार ऊंचाहार विधानसभा से चुनाव जीतकर तत्कालीन बसपा के वरिष्ठ नेता Swami Prasad Maurya के पुत्र उत्कर्ष मौर्य को पराजित किया।
2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की प्रचंड लहर के बावजूद उन्होंने एक बार फिर स्वामी प्रसाद मौर्य के पुत्र को हराकर अपनी राजनीतिक ताकत साबित की।
2022 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने भाजपा प्रत्याशी अमर पाल मौर्य को पराजित कर लगातार तीसरी जीत दर्ज की। अमर पाल मौर्य वर्तमान में भाजपा से राज्यसभा सदस्य हैं।
सपा से दूरी, भाजपा में शामिल होकर बढ़ाया प्रभाव
2022 में स्वामी प्रसाद मौर्य के समाजवादी पार्टी में आने के बाद मनोज पाण्डेय ने सपा से दूरी बनानी शुरू कर दी। इसके बाद रायबरेली में केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah की बड़ी रैली आयोजित कर उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।
मंत्री बनने के बाद भाजपा में और बढ़ा कद
योगी मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बनाए जाने के बाद मनोज पाण्डेय का राजनीतिक कद और अधिक बढ़ गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा ने उनके माध्यम से ब्राह्मण समाज में अपनी पकड़ को और मजबूत करने की रणनीति अपनाई है।
वैभव मिश्रा का भी बढ़ा राजनीतिक प्रभाव
मनोज पाण्डेय के सबसे करीबी सहयोगियों में शामिल वैभव मिश्रा एडवोकेट का भाजपा संगठन में प्रभाव भी बढ़ा है। कानपुर में उनके नेतृत्व में समर्थकों ने मंत्री बनने की खुशी में विभिन्न स्थानों पर मिठाई वितरित कर उत्सव मनाया।
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